बॉलीवुड से राजनीति में आने वाली वर्तमान में हिमाचल प्रदेश के मंडी जिले की सासद कंगना रानोत अपने विभाग बयान बाजी के लिए जानी जाती है। कंगना रनौत कभी नहीं सोचती कि उनके बयान से कहां पर कब हंगामा हो जाए लेकिन वह जो बोलती है एक स्पष्ट तो दिल से बोलती है। हाल ही में अभी एक बयान की वजह से कंगना रानोत सुर्खियों में है। इससे पहले भी कंगना रानोत ने हर मुद्दे पर स्पष्ट और बेबाकी तरीके से बात की है।
हिमाचल के मंडी जिले की सांसद कंगना रनौत एक अखबार को अपना इंटरव्यू दिया और उस इंटरव्यू में अपने दिए हुए बयान की वजह से विपक्ष यानी कांग्रेस के निशान पर आ गई। कंगना रनौत के बयान की वजह से इंडि गठबंधन ने मोदी सरकार को घेरने में लेने की कोशिश की इसके बाद भाजपा सरकार ने कंगना रनौत के बयान पर एक प्रेस नोट जारी करके अपना बचाव किया। भाजपा ने कंगना रनौत के बयान को निजी बयान बताया और कहां की

भारतीय जनता पार्टी कंगना राणौत के बयान से असहमति व्यक्त करती है। पार्टी की ओर से, पार्टी के नीतिगत विषयों पर बोलने के लिए कंगना रणौत को न तो अनुमति है और न ही वे बयान देने के लिए अधिकृत हैं।

कंगना रनौत का दिया हुआ बयान
“अगर हमारा शीर्ष नेतृत्व मजबूत नहीं रहता तो किसान आंदोलन के दौरान पंजाब को भी बांग्लादेश बना दिया जाता। कंगना रणौत के इस बयान पर विपक्ष लगातार हमलावर है। जब किसान आंदोलन हुवा वहा लाशें लटक रही थी और वहा लड़कियो और महिलाओ के साथ बलात्कार हो रहा था। किसब बिल वापस लेने के बाद सभी किसाको को झटका लगा। किसाना आंदोलन बहुत लम्बी प्लानिंग थी जैसी बांग्लादेश मे हुई हे। देश अगर भाड़ मे जाएगा तो उससे पहले ये आंदोलन करने वाले भाड़ मे जाएंगे। ये बात इनको समझनी चाहिए।
हिमाचल प्रदेश के कार्यकारी अध्यक्ष संजय अवस्थी ने कंगना रनौत पर तंज कसा और बोले की ” कंगना अभी तक बॉलीवुड फिल्म में काम करती थी। जहां पर उनको स्क्रिप्ट मिलती थी लेकिन यह बॉलीवुड नहीं है यह राजनीतिक अखाड़ा है यहां पर बोलने के लिए स्क्रिप्ट नहीं मिलती। कंगना रनौत संवैधानिक पद पर हैं। इसलिए कंगना को अब मुद्दों की गंभीरता को समझ कर बयानबाजी करनी चाहिए”।

राकेश टिकैत ने भी कंगना रनौत को नसीहत दी
भारतीय किसान यूनियन के राष्ट्रीय प्रवक्ता राकेश टिकैत ने बोला की कंगना रनौत अब एक सांसद है। उनको किसानों के लिए ऐसी घटिया भाषा का प्रयोग नहीं करना चाहिए। कंगना को अपने क्षेत्र के किसानों के ध्यान रखना चाहिए। ऐसे भी घटिया बयान देकर बचना चाहिए इससे खुद की और पार्टी की इमेज खराब होती है।
राकेश टिकट ने बताया की उन्होंने जो कुछ दिन पहले बयान दिया सरकार को देखना चाहिए कि ट्रैक्टर का रुख लाल किले की ओर किसने मोड़ा। किसान नेता राकेश टिकैत ने कहा कि अगर हम लाल किले की तरफ जा सकते थे, तो पार्लियामेंट की तरफ भी जा सकते थे, लेकिन हमें हमारे रूट से भटकाया गया। राकेश टिकैत ने बोला कि यह बयान उन्होंने कंगना रनौत के बयान के देने के उनको जवाब देने के लिए दिया।