जम्मू-कश्मीर के अनंतनाग जिले के कोकेरनाग के शंगस इलाके में आतंकवादियों ने दो जवानों को अगवा कर लिया। इनमें से एक जवान किसी तरह से बच निकलने में सफल रहे, लेकिन दूसरे जवान का अब तक कोई पता नहीं चल पाया है। लापता जवान टेरिटोरियल आर्मी से हैं, और सुरक्षाबल उनकी तलाश में जुटे हुए हैं। यह घटना 8 अक्टूबर 2024 को सामने आई, जिस दिन जम्मू-कश्मीर में विधानसभा चुनाव के नतीजे घोषित हुए थे।
यह घटना ऐसे समय में हुई है जब जम्मू-कश्मीर में आतंकवाद की गतिविधियों में तेजी देखी जा रही है। आतंकियों ने जिस जवान का अपहरण किया, वह टेरिटोरियल आर्मी से जुड़े हुए थे। सुरक्षाबल लापता जवान की खोज में बड़े पैमाने पर तलाशी अभियान चला रहे हैं। इलाके में सुरक्षा बलों की तैनाती बढ़ा दी गई है, और आतंकियों की धरपकड़ के लिए सभी जरूरी कदम उठाए जा रहे हैं।
पहले भी हुईं ऐसी घटनाएं
यह पहली बार नहीं है कि आतंकियों ने टेरिटोरियल आर्मी के जवान को अगवा किया हो। इससे पहले, अगस्त 2020 में भी आतंकवादियों ने कश्मीर के शोपियां जिले से टेरिटोरियल आर्मी के जवान शाकिर मंजूर वागे का अपहरण कर लिया था। अपहरण के पांच दिन बाद उनके परिवार को घर के पास उनके कपड़े मिले थे, लेकिन शाकिर का अब तक कोई सुराग नहीं मिल पाया है।
इससे पहले, जम्मू-कश्मीर के कुपवाड़ा जिले के गुगलधार इलाके में सुरक्षाबलों ने सीमा पर घुसपैठ की कोशिश को नाकाम किया था। 4 अक्टूबर 2024 को भारतीय सेना और पुलिस ने संयुक्त ऑपरेशन चलाकर दो आतंकवादियों को मार गिराया था। इन आतंकियों के पास से बड़ी मात्रा में हथियार और गोला-बारूद बरामद किया गया था। सेना को इलाके में संदिग्ध गतिविधि दिखने के बाद इस ऑपरेशन को अंजाम दिया गया था।
अनंतनाग जिले में पिछले कुछ महीनों से आतंकी गतिविधियां बढ़ गई हैं। अगस्त 2024 में, अनंतनाग के बिजबेहरा इलाके में सुरक्षाबलों ने आतंकियों के तीन सहयोगियों को गिरफ्तार किया था। ऑपरेशन के दौरान उनके पास से एक पिस्तौल, एक मैगजीन, 29 गोलियां और दो हैंड ग्रेनेड बरामद किए गए थे। इसके बाद से इलाके में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है और लगातार आतंकवादियों पर नजर रखी जा रही है।